स्वाधिष्ठान की गर्मी
मुझे यौन जीवन में बहुत अकड़न और अपराधबोध रहता था। मैंने स्वाधिष्ठान चक्र पर नियमित ध्यान और “वं” मंत्र का जाप शुरू किया। लगभग दो महीने बाद एक रात निचले पेट में गहरी गर्मी और कंपन म...
Kundalini · Chakras · Yoga · Healing · Tantra — stories from the path
मुझे यौन जीवन में बहुत अकड़न और अपराधबोध रहता था। मैंने स्वाधिष्ठान चक्र पर नियमित ध्यान और “वं” मंत्र का जाप शुरू किया। लगभग दो महीने बाद एक रात निचले पेट में गहरी गर्मी और कंपन म...
उस रात्रि आकाश बहुत साफ था। तारे ऐसे चमक रहे थे मानो कुछ घटने वाला हो। मैंने स्नान किया। जल ठंडा था, पर मेरे शरीर के भीतर एक अजीब सी गर्मी दौड़ रही थी। मैंने गीले बाल खोले। लंबे ब...
मेरा नाम विक्रम है। यह कथा मेरी माँ पूनम और मेरे बीच हुई उस साधना की है, जिसने मेरे जीवन की दिशा ही बदल दी। मेरी माँ एक कुशल तांत्रिक साधिका हैं। वर्षों से वे तंत्र के गहन मार्ग...
ब्रेकअप के बाद मेरे सीने में हमेशा भारीपन बना रहता था। मैं बार-बार रोती थी। मैंने चालीस दिन तक रोज अनाहत चक्र पर ध्यान किया और “यम्” मंत्र जपा। एक रात रोते-रोते अचानक सीना बहुत हल्...
I use the seat back as a teacher. Soft length, not force. Public transport as sadhana.
मैंने और मेरी पत्नी ने छह महीने तक नियंत्रित याब-युम का अभ्यास किया। पहले दो महीने सिर्फ शारीरिक सुख ही मिला। पाँचवें महीने में पहली बार हम दोनों को एक साथ गहरी ऊर्जा ऊपर उठती महसू...
I reduced practice, walked, slept. Heat settled. Force would have broken me.
I treated asana like a sport. My teacher shifted me to soft spine work before meditation. Energy became quieter and deeper. Yoga for me is now preparation for stillness, not Instag...
No countdown sales, no ΓÇ£activate nowΓÇ¥. Slow answers. As a foreigner that mattered.
I notice which nostril is open without obsession. Five minutes of soft alternate breathing before sit. Sleep improved more than any advanced kriya I tried online.
मैं उनकी शिष्या थी — और उस रात्रि के बाद मैं उनकी शिवदासी भी बन गई। गुरुजी ने मुझे याब-युम मुद्रा सिखाने से पहले तीन महीने केवल तैयारी करवाई। ध्यान, प्राणायाम, मूलबंध, और चक्रों...
मेरा नाम सीमा है। मेरे पति रवि और मैं मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। हम दोनों वर्ष 2021 से तंत्रमणि के सदस्य हैं। यह कथा हमारे उस अनुभव की है, जब सामान्य दाम्पत्य जीवन धीरे-धीरे साधन...
No orange robes, no hype. Just daily honesty with sensation and ethics.
Anahata work brought old grief. I almost quit. With walks and shorter sessions, the wave passed. The gift was better boundaries at work ΓÇö saying no without guilt. Healing was emo...
Literally socks and warm water reduced the ΓÇ£fearΓÇ¥. Body first, story second.
I used to absorb every story. A simple end-of-session hand wash and walk home restored me. Not dramatic ΓÇö just professional care of my own field.
People asked why I stopped intense retreats. Stability became my teacher.
I avoided workshops and only did 20 minutes daily: nadi shodhana, quiet sitting, honest sleep. In the third month I felt a soft warmth at the base of the spine that did not scare m...
I stopped matching the bendy person next to me. Breath returned. Class became practice again.
Students wanted fireworks. I learned to offer grounding first. My own practice became kinder. Tantra without body awareness is incomplete for me now.
मैं हमेशा आत्मविश्वास की कमी से परेशान रहता था। मैंने मणिपुर चक्र पर ध्यान और सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास शुरू किया। तीन महीने बाद नाभि क्षेत्र में गर्मी और शक्ति का अनुभव होने ...
Hand on chest, longer exhale. Not bypass ΓÇö just nervous system care before words.
मेरे पिताजी का निधन हो चुका था और मैं उनके गम को बहुत दबाकर रखे हुए थी। एक दिन अनाहत चक्र पर ध्यान करते हुए अचानक सीने में बहुत तेज दर्द हुआ। दर्द के साथ आँसू का फव्वारा छूट गया। म...
I moved practice to morning. Dreams calmed. Sharing for night-owls who force silence at 11pm.
I stopped chasing techniques. Only breath and short silence after dinner. Anxiety did not vanish, but reactivity dropped. Sharing so others know boring practice is valid.
I only sit when not exhausted. Quality over calendar streaks.
मैं तीन साल से नियमित प्राणायाम कर रहा था, लेकिन कोई खास अनुभव नहीं हुआ था। पिछले साल एक रात ध्यान के दौरान अचानक मूलाधार में तेज गर्मी पैदा हुई। फिर एक लहर जैसी चीज रीढ़ में ऊपर क...
मैं रोज सुबह एक घंटा मौन ध्यान करता था। पाँचवें महीने में एक दिन ध्यान के दौरान शरीर का भान पूरी तरह गायब हो गया। समय की कोई गिनती नहीं रही। जब होश आया तो दो घंटे बीत चुके थे। उस अ...
I dropped flashy videos. Simple breath returned sleep. Sharing as a warning and a gift.
Feet on floor between meetings. Not mystical ΓÇö just less panic in the body.
I used to force longer sits. Now I walk five minutes after. Clarity stayed, drama left.
मुझे बहुत गुस्सा आता था। छोटी-छोटी बात पर विस्फोट हो जाता था। मैंने मणिपुर चक्र पर नियमित ध्यान और सूर्य नमस्कार शुरू किया। लगभग पचास दिन बाद एक शाम ध्यान के दौरान नाभि में इतनी ते...
मैं लंबे समय से सहस्रार चक्र पर ध्यान कर रही थी। एक रात गहरी निद्रा में अचानक सिर के ऊपर सफेद प्रकाश का गोला दिखाई दिया। शरीर बिलकुल वजन रहित लगने लगा। अनुभव कुछ मिनट का था, लेकिन ...
मैं ध्यान में बैठा था। अचानक मेरा शरीर अपने आप हिलने लगा। रीढ़ सीधी हो गई, छाती आगे को निकली, गर्दन पीछे की ओर झुक गई — बिल्कुल मत्स्यासन की मुद्रा बन गई। मैंने कोई कोशिश नहीं की थ...
मैं बहुत समय से अपने मन की बात नहीं कह पाती थी। दबकर रहती थी। मैंने विशुद्ध चक्र पर ध्यान और “हम्” मंत्र का जाप शुरू किया। लगभग पैंतालीस दिन बाद एक सुबह गले में अजीब कंपन और हल्का ...
मेरा नाम लीला है। उम्र चालीस वर्ष। बेटा बाईस साल का। पति सेना में हैं। यह कथा तीन पूरे महीनों की है। हर दिन की साधना की। हर दिन के श्रृंगार की। और अंत में उस पवित्र गर्भ की, ज...
मेरा नाम सरिता है। मैं पटना, बिहार की रहने वाली हूँ। मेरे भाई आनंद और मैं वर्ष 2020 से तंत्रमणि के सदस्य रहे हैं। यह कथा हमारे उस अनुभव की है, जिसने हमारी समझ को पूरी तरह बदल दिया।...
मैंने ग्यारह महीने तक रोज नाड़ी शोधन, उज्जायी और मूलबंध किया। नौवें महीने में रीढ़ में हल्का कंपन शुरू हुआ। एक सुबह ध्यान के दौरान ऊर्जा अचानक नीचे से ऊपर की ओर तीव्र वेग से उठी और...
मैं खेचरी मुद्रा का अभ्यास कर रहा था। कई महीनों तक जीभ को ऊपर की ओर ले जाने की कोशिश करता रहा। एक दिन ध्यान में अचानक जीभ अपने आप तालू की ओर खिंच गई और वहाँ चिपक गई। उसी समय पूरे स...
मुझे कई महीनों से भृकुटी में दबाव महसूस होता था। मैंने इक्कीस दिन तक ट्राटक और ॐ का ध्यान किया। अठारहवें दिन आँखों के पीछे तेज प्रकाश दिखाई दिया। कुछ पलों के लिए बाहर की दुनिया गाय...
Please login to submit. Admin reviews before publishing.