सिफली इल्म में स्त्री मैथुन का महत्व
सिफली इल्म (निचली या काली विद्या) और तंत्र को अक्सर लोग एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। तंत्र ज...
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सिफली इल्म (निचली या काली विद्या) और तंत्र को अक्सर लोग एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। तंत्र ज...
अघोर पंथ भारतीय तांत्रिक और शैव परंपरा की एक उग्र तथा निर्भीक शाखा है। “अघोर” का अर्थ होता है — जो घोर...
कुंडलिनी जागरण की सैकड़ों विधियाँ हैं — प्राणायाम, बंध, मंत्र, ध्यान, तप। लेकिन उनमें से अधिकांश कठिन, लंबी और जटि...
तंत्र में सम्भोग और जागरण को एक-दूसरे से अलग नहीं माना गया है। अधिकांश लोग सम्भोग को केवल शारीरिक क्रिया समझते हैं और जा...
तंत्र में भैरव और भैरवी का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये दोनों शिव और शक्ति के घोर (उग्र) रूप हैं। जहाँ शिव को सामान्यत...
जादू या मैजिक की चर्चा जब भी होती है, तो उसे आमतौर पर दो भागों में बाँट दिया जाता है — काला जादू और सफेद जादू। यह ...
भारतीय समाज और कई रूढ़िवादी परंपराओं में स्त्री योनि को लेकर लंबे समय से दोहरे भाव रहे हैं। एक ओर उसे सृष्टि का स्रोत मा...
तंत्र, मंत्र और यंत्र — ये तीनों तांत्रिक साधना के स्तंभ माने जाते हैं। लेकिन इनमें तंत्र को सबसे श्रेष्ठ और व्याप...
यब-युम नूर-ए-तंत्र की सबसे अहम और गहरी अमल है। इसमें मर्द और औरत की एनर्जी होश और इश्क़ के साथ एक होती है। यह सिर्फ़ जिस...
इडा और पिंगला दो मुख्य नाड़ियाँ हैं। इडा चंद्र स्वभाव की है (शीतल, मानसिक, बाईं ओर), पिंगला सूर्य स्वभाव की है (उष्ण, क्...
आजकल तंत्र साधना का नाम लेते ही एक अजीब तस्वीर सामने आती है। हर शहर, हर कस्बे और यहाँ तक कि छोटे-छोटे मोहल्लों में भी &l...
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति (Naturopathy या Nature Cure) एक ऐसी चिकित्सा प्रणाली है जो शरीर की स्वाभाविक आरोग्य क्षमता पर ...