तंत्र में भैरवी चरित्र का महत्व
भैरवी तंत्र की सबसे शक्तिशाली और गूढ़ देवी रूपों में से एक हैं। वे दश महाविद्याओं में तीसरी महाविद्या मानी जाती हैं। भैर...
Insights
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भैरवी तंत्र की सबसे शक्तिशाली और गूढ़ देवी रूपों में से एक हैं। वे दश महाविद्याओं में तीसरी महाविद्या मानी जाती हैं। भैर...
शिवदासी होना कोई उपाधि नहीं है। यह कोई नामकरण नहीं है जो गुरु दे दें और व्यक्ति शिवदासी बन जाए। शिवदासी वह अवस्था है जह...
शिवदासी साधना केवल भाव और समर्पण तक सीमित नहीं है। यह एक गहरी ऊर्जा साधना भी है। जब स्त्री अपने पूरे अस्तित्व को शिव को ...
कुंडलिनी जागरण कोई एक घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है। इसके लक्षण व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को ब...
सिफली इल्म (निम्न occult विद्या) में योनि साधना को विशेष स्थान दिया गया है। यहाँ योनि को केवल शारीरिक अंग नहीं, बल्कि शक...
तंत्रालोक के दार्शनिक सिद्धांत तंत्रालोक महान् आचार्य अभिनवगुप्त की सबसे महत्वपूर्ण रचना है। यह कश्मीर शैव दर्शन और त...
तंत्र की गहरी साधनाओं में एक रहस्यमय तत्व का उल्लेख बार-बार आता है — जीवन अमृत। इसे अमृत, सोम, ओजस या दिव्य रस भी ...
प्राणिक हीलिंग एक ऊर्जा आधारित चिकित्सा पद्धति है। इसमें शरीर के भीतर और बाहर बहने वाली प्राण ऊर्जा (जीवन ऊर्जा) को स्वच...
तंत्र, मंत्र और यंत्र — ये तीन शब्द अक्सर एक साथ बोले जाते हैं। बहुत से लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं या इनमें भ्र...
दश महाविद्याएँ तंत्र की दस महान विद्याएँ या शक्ति रूप हैं। ये देवी के दस प्रधान स्वरूप माने जाते हैं। प्रत्येक महाविद्या...
देवदासी और शिवदासी दोनों शब्दों में “दासी” का प्रयोग होता है, लेकिन दोनों की अवधारणा, इतिहास और भाव में गहरा...
प्रकाश में हम दुनिया को देखते हैं। अंधकार में हम खुद को देखते हैं। अंधकार की साधना सबसे प्राचीन और सबसे उपेक्षित साधनाओ...